भारतीय ऋषी,महर्षी और संतोके ऊर्ध्वमुखी मनन और चिंतन का फलित योग साधना है !

मनुष्य के अंदर असीम संभावनाए और शक्तीयां छुपी होती है लेकिन वह अज्ञान के कारण उनको पहचान नही पाते ! यदि हम साधना द्वारा अपनी छिपी एवं सुप्त शक्ती को जागृत कर ले तो कोई ऐसी बात नही जिसे हम सरलतापूर्वक न कर सके !

योग का उद्देश सिद्धीयो की प्राप्ती नही है ! सिद्धिंयाऔर चमत्कार का प्रदर्शन योग में सर्वथा निषिद्ध है ! इससे अहंकार बढता है और साधक लक्ष्य से हट जाने का डर रहता है ! साधना करते समय ऐसी सिद्धिंया योगी को सहज उपलब्ध होती है ! साधक को हमेशा उसका उद्देश आत्मदर्शन, मोक्ष तथा अध्यात्मिक उन्नती तक ही सीमित रखना चाहिये !

योग का अर्थ है मिलना ! अध्यात्मिक विषय में यह वह प्रक्रिया है जिससे योगी जीवात्मा तथा परमात्मा की एकता का साक्षात्कार करता है ! सीधे शब्दो में योग का अर्थ है ईश्वर से मिलन ! योग वह आत्म विज्ञान है जो मानवआत्मा को परमात्मा से मिलने की विधी बतलाता है ! योग कि अनेक विधियाँ है ! कोई किसी का भी अवलंबन करे अंतिम परिणाम वही होगा ! विधियों की भिन्नता के आधार पर योग के भी अनेक नाम हो गये है जैसे ध्यानयोग, राजयोग, भक्तीयोग, कर्मयोग, ज्ञानयोग, क्रियायोग, नादयोग, बिन्दुयोग, लययोग आदि किंतु सबका एक ही ध्येय है; उस पुरुष (आत्मा) के साथ अभेद्य संबंध स्थापित करना !

इस वेब साईट का उद्देश सामान्य जनो में योग साधना के प्रति रुची जागृत हो तथा वे इसके मार्ग पर चलने को तत्पर हो जायें ! इसलिए हमने सद्गुरू पापाजी द्वारा औरंगाबाद में दिये हुए प्रवचन संकलित करना  शुरु कर दिया !  यहाँ पर मूख्यतः ध्यान और कुण्डलिनी योग द्वारा कि जाणे वाली साधना एवम् विधी लिखने कि कोशिश करेंगे ! वेब साईट के पृष्ठ ‘साधना’ में पापाजी द्वारा बताई गयी साधना हम नियमित रूप से लिखते रहेंगे ! लिखते वक्त शब्दार्थ पर अधिक जोर न देकर उसे सहज बनाने की अपेक्षा भावों को प्रधानता दी गई है जिससे यह कठीण विषय बोधगम्य हो सके ! साधक अपने विचार,अनुभव वेब साईट के पृष्ठ ‘साधक के विचार’ में लिख सकते है !

आज गुरुपौर्णिमा के शुभ अवसर पर इस वेब साईट का अनावरण हो रहा है ! इस वेब साईट को पूर्णतः कार्यरत होणे में कम से कम एक साल लगेगा ! इसमें हम सभी साधकों का सहयोग चाहते है ! संकलन में, लिखने कोई कमी या गलती होती है तो हम क्षमा चाहते है !

__________________________________________________________________